पंडित रुद्र नारायण गुरुजी — त्र्यंबकेश्वर के परंपरागत पुरोहित
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के समीप, पंडित रुद्र नारायण गुरुजी एवं उनका परिवार 22 वर्षों से अधिक समय से श्रद्धालुओं को शास्त्रोक्त वैदिक पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराते आ रहे हैं। काल सर्प दोष निवारण, नारायण नागबली, त्रिपिंडी श्राद्ध, रुद्राभिषेक जैसी विशिष्ट पूजाओं में हमारा गहन अनुभव है, जो केवल त्र्यंबकेश्वर में ही शास्त्रोक्त रूप से संपन्न कराई जा सकती हैं।
हमारा उद्देश्य केवल कर्मकांड संपन्न कराना नहीं, अपितु प्रत्येक श्रद्धालु को पूजा के पीछे की मान्यता, विधि एवं महत्व से अवगत कराना है, जिससे वे पूर्ण श्रद्धा एवं समझ के साथ अनुष्ठान में सम्मिलित हो सकें। अब तक हम 97,567 से अधिक पूजाएँ संपन्न करा चुके हैं, तथा विश्व के 25 से अधिक देशों में हमारे यजमान परिवार निवास करते हैं।
+91 84850 99160
गुरुजी का यह ज्ञान एवं संस्कार एक सुदीर्घ गुरु-शिष्य परंपरा से प्राप्त हुआ है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी वाराणसी की वैदिक पाठशालाओं में संरक्षित रही है। प्रत्येक मंत्रोच्चारण, प्रत्येक हवन-विधि तथा प्रत्येक संकल्प शास्त्रों में वर्णित मूल विधि के अनुसार ही संपन्न कराया जाता है — इसमें कोई शॉर्टकट अथवा व्यावसायिक जल्दबाज़ी नहीं की जाती।
हम मानते हैं कि श्रद्धा की कोई भाषा अथवा सीमा नहीं होती। इसीलिए हमारे यजमान महाराष्ट्र, उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तथा विदेश तक फैले हुए हैं। हिंदी, मराठी एवं अंग्रेज़ी में सहज संवाद संभव है, तथा दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए संपूर्ण यात्रा एवं ठहरने संबंधी मार्गदर्शन भी नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
आंकड़ों की नज़र में
वर्षों का अनुभव
पूर्ण पूजाएँ
देशों में यजमान
संतुष्ट भक्त
हमारी यात्रा
दो दशकों से अधिक की सेवा, एक ही उद्देश्य के साथ — प्रत्येक यजमान तक प्रामाणिक, शास्त्रोक्त पूजा पहुँचाना।
वैदिक शिक्षा का आरंभ
वाराणसी की प्रतिष्ठित संस्थाओं से संस्कृत एवं वैदिक कर्मकांड की औपचारिक शिक्षा प्रारंभ।
त्र्यंबकेश्वर में सेवा आरंभ
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के समीप काल सर्प दोष, नारायण नागबली जैसी विशिष्ट पूजाओं में सेवा प्रारंभ।
देश-विदेश में पहचान
मुख से मुख प्रचार द्वारा भारत के कोने-कोने से तथा 25 से अधिक देशों से यजमान जुड़ने लगे।
आज — 97,567+ पूजाएँ
आज भी उसी निष्ठा एवं शास्त्रोक्त विधि के साथ प्रत्येक यजमान की सेवा जारी है।
शिक्षा एवं वैदिक प्रशिक्षण
पंडित रुद्र नारायण गुरुजी ने भारत की सर्वाधिक प्रतिष्ठित संस्थाओं से वैदिक शिक्षा एवं संस्कृत का गहन अध्ययन किया है:
Sampurnanand Sanskrit Vishwavidyalaya, Varanasi
Traditional Vedic studies (Shastri/Acharya) — one of India's oldest and most respected Sanskrit universities.
Kashi Vidvat Parishad, Varanasi
Advanced training in Vedic rituals and scriptures under senior Vedic scholars.
Banaras Hindu University (BHU), Varanasi
Further studies in Sanskrit and Dharmashastra.
हमारी प्रतिबद्धता
जब आप हमसे पूजा बुक करते हैं, तो आप इन बातों की गारंटी पा सकते हैं:
- प्रत्येक पूजा प्रत्यक्ष रूप से पंडित रुद्र नारायण गुरुजी अथवा उनके प्रशिक्षित पुरोहित परिवार द्वारा संपन्न कराई जाती है
- बुकिंग से पहले ही संपूर्ण शुल्क, सामग्री एवं समय-सीमा की स्पष्ट जानकारी दी जाती है
- जो श्रद्धालु स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए वीडियो/फोटो प्रमाण एवं प्रसाद कोरियर की सुविधा
- पूजा के पश्चात पालन करने योग्य सावधानियों एवं नियमों की संपूर्ण जानकारी
- हिंदी, मराठी एवं अंग्रेज़ी — तीनों भाषाओं में सहज संवाद एवं मार्गदर्शन
हमारे मूल्य
प्रामाणिकता — प्रत्येक अनुष्ठान वेद-पुराण सम्मत विधि से
पारदर्शिता — स्पष्ट शुल्क, कोई छुपाव नहीं
श्रद्धा — प्रत्येक यजमान के प्रति समान आदर एवं समर्पण
मार्गदर्शन — पूजा-पूर्व एवं पश्चात संपूर्ण सहयोग